तिजारा। राजस्थान के अलवर जिले की तिजारा विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव हींगवाहेड़ा के रहने वाले होनहार छात्र जयंत यादव ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की में चयन पाकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। जयंत यादव, जो महेश यादव के पुत्र हैं, ने 900 रैंक प्राप्त कर यह शानदार उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी और गर्व का माहौल है।
जयंत यादव की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक IIT रुड़की तक पहुंचना किसी भी छात्र के लिए आसान नहीं होता, लेकिन जयंत ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
परिवार के अनुसार, जयंत शुरू से ही पढ़ाई में बेहद होनहार रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही विद्यालय से प्राप्त की और उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए लगातार मेहनत करते रहे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। उनके पिता महेश यादव ने बताया कि जयंत बचपन से ही अनुशासित और मेहनती स्वभाव के रहे हैं और उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
जयंत की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी अहम योगदान रहा है। माता-पिता ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गांव के लोगों का भी कहना है कि जयंत हमेशा दूसरों के लिए प्रेरणा रहे हैं और उन्होंने कभी भी कठिनाइयों को अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया।
IIT रुड़की में चयन के लिए जयंत ने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास किया। उन्होंने अपने समय का सही प्रबंधन करते हुए पढ़ाई के साथ-साथ स्वयं का मूल्यांकन भी किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास भी बहुत जरूरी होता है, जिसे जयंत ने बखूबी बनाए रखा।
जयंत यादव की सफलता के बाद हींगवाहेड़ा गांव में जश्न का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर इस खुशी को साझा किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी जयंत को शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
शिक्षकों का कहना है कि जयंत जैसे छात्र ही समाज का भविष्य होते हैं। उनकी सफलता से यह संदेश जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल उन्हें सही दिशा और अवसर देने की। जयंत की इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे और उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होंगे।
जयंत यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और अपने नियमित अध्ययन को दिया है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन की शुरुआत है और वे आगे भी देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। उनका सपना है कि वे एक सफल इंजीनियर बनकर देश की प्रगति में योगदान दें।
इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। जयंत यादव की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक साबित होगी और यह दिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
– अमित कुमार, एडिटर की रिपोर्ट
तिजारा के हींगवाहेड़ा के लाल जयंत यादव ने IIT रुड़की में लहराया परचम, 900 रैंक प्राप्त कर किया चयन