​नई दिल्ली:
देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक, दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कोर्सेज में एडमिशन की प्रक्रिया का आधिकारिक तौर पर आगाज़ कर दिया है। इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी कुल 82 पीजी कोर्सेज में छात्रों को दाखिले का मौका दे रही है। जो छात्र डीयू के विभिन्न विभागों और संबद्ध कॉलेजों से एमए (MA), एमएससी (M.Sc), एमकॉम (M.Com) और अन्य वोकेशनल व प्रोफेशनल पीजी कोर्सेज करना चाहते हैं, वे अब यूनिवर्सिटी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं।
​इस आर्टिकल में हम आपको आवेदन की आख़िरी तारीख, योग्यता, सीटों का गणित और स्टेप-बाय-स्टेप पूरी एप्लीकेशन प्रोसेस के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आपको फॉर्म भरते समय किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
​CUET PG स्कोर के आधार पर ही मिलेगा एडमिशन
​पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के तमाम पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन Common University Entrance Test (CUET PG) के अंकों के आधार पर ही होगा। जिन छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित CUET PG परीक्षा दी है और जिनके पास वैलिड स्कोरकार्ड है, केवल वही छात्र डीयू के CSAS (Common Seat Allocation System) PG पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के पात्र हैं। केवल एंट्रेंस एग्जाम पास कर लेना ही काफी नहीं है, छात्रों को काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट के लिए इस पोर्टल पर फॉर्म भरना अनिवार्य है।
​महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)
​डीयू ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही छात्रों को फॉर्म भरने के लिए पर्याप्त समय दिया है। हालांकि, आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों और वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक से बचने के लिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें:
​रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: मई 2026
​आवेदन करने की अंतिम तिथि: (डीयू द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार जून के मध्य तक)
​करेक्शन विंडो (यदि लागू हो): आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 2-3 दिनों के लिए खोली जाएगी।
​82 कोर्सेज और हजारों सीटें
​दिल्ली यूनिवर्सिटी इस बार अपने नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस और विभिन्न संबद्ध कॉलेजों में फैले कुल 82 पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स के लिए काउंसलिंग आयोजित कर रहा है। इसमें ह्यूमेनिटीज (Arts), कॉमर्स, साइंस, लॉ (LL.B, LL.M), जर्नलिज्म और कंप्यूटर एप्लीकेशंस (MCA) जैसे लोकप्रिय कोर्स शामिल हैं। डीयू के विभिन्न विभागों को मिलाकर करीब 13,000 से अधिक सीटों पर मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा।
​सीटों का कोटा (50:50 का नियम)
​डीयू में पीजी दाखिले के लिए सीटों को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:
​मेरिट-बेस्ड कोटा (50% सीटें): यह कोटा केवल उन छात्रों के लिए आरक्षित होता है जिन्होंने अपनी बैचलर डिग्री (Graduation) दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही पूरी की है। हालांकि, इन्हें भी CUET PG परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होता है।
​ओपन कोटा (50% सीटें): इस कोटे के तहत देश के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र अपनी CUET PG रैंक के आधार पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
​आवेदन शुल्क (Registration Fee)
​CSAS PG पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए छात्रों को अपनी कैटेगरी के अनुसार निम्नलिखित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
​फॉर्म भरना शुरू करने से पहले उम्मीदवारों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (JPEG या PDF फॉर्मेट में) तैयार रखनी चाहिए:
​CUET PG का स्कोरकार्ड और एडमिट कार्ड।
​कक्षा 10वीं का सर्टिफिकेट/मार्कशीट (जन्म तिथि के प्रमाण के लिए)।
​कक्षा 12वीं की मार्कशीट।
​ग्रेजुएशन के सभी सेमेस्टर/वर्ष की मार्कशीट या प्रोविजनल सर्टिफिकेट।
​जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC-NCL/EWS), यदि लागू हो। (ध्यान रहे कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट चालू वित्तीय वर्ष का ही होना चाहिए)।
​पासपोर्ट साइज फोटो और उम्मीदवार के डिजिटल हस्ताक्षर (Sign)।
​स्टेप-बाय-स्टेप एप्लीकेशन प्रोसेस (Step-by-Step Application Process)
​दिल्ली यूनिवर्सिटी के CSAS PG पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल है। छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना फॉर्म खुद भर सकते हैं:
​स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
​सबसे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी की आधिकारिक एडमिशन वेबसाइट admission.uod.ac.in या सीधे pgadmission.uod.ac.in पर विजिट करें।
​स्टेप 2: नया रजिस्ट्रेशन (New Registration) करें
​होमपेज पर 'New Registration' के लिंक पर क्लिक करें। यहाँ आपको अपना CUET PG एप्लीकेशन नंबर, अपना नाम और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। इसके बाद अपनी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालकर एक पासवर्ड जेनरेट करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल/ईमेल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करें।
​स्टेप 3: लॉगिन और पर्सनल डिटेल्स भरें
​सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन होने के बाद अपने CUET नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें। अब आपके सामने एक विस्तृत फॉर्म खुलेगा, जहाँ आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी (माता-पिता का नाम, कैटेगरी, जेंडर, ब्लड ग्रुप आदि) और अपनी शैक्षणिक योग्यता (Graduation Marks) की जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी।
​स्टेप 4: प्रोग्राम और कॉलेज का चयन (Preference Filling)
​यह इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। आपको उन 82 कोर्सेज में से अपनी पसंद के कोर्स का चयन करना होगा जिसके लिए आपने CUET PG की परीक्षा दी है। कोर्स चुनने के बाद आपको डीयू के कॉलेजों की प्रेफरेंस लिस्ट (वरीयता क्रम) चुननी होगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कोर के अनुसार कॉलेजों को सही क्रम में व्यवस्थित करें।
​स्टेप 5: दस्तावेज अपलोड करें
​अब अपने फोटो, सिग्नेचर, मार्कशीट और कैटेगरी सर्टिफिकेट को निर्धारित साइज और फॉर्मेट में अपलोड करें। ब्लर या गलत दस्तावेज अपलोड करने पर आपका आवेदन रद्द किया जा सकता है।
​स्टेप 6: प्रिव्यू और फीस का भुगतान
​दस्तावेज अपलोड करने के बाद पूरे फॉर्म का एक बार 'Preview' जरूर देख लें। चेक कर लें कि कहीं कोई स्पेलिंग मिस्टेक तो नहीं है। सब कुछ सही होने पर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए (क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI) आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
​स्टेप 7: फॉर्म डाउनलोड और प्रिंट करें
​फीस जमा होने के बाद आपका एप्लीकेशन फॉर्म फाइनल सबमिट हो जाएगा। भविष्य के संदर्भ और काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए अपने भरे हुए फॉर्म और पेमेंट रसीद का प्रिंटआउट निकालकर या पीडीएफ सुरक्षित रख लें।
​छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
​दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार, छात्रों को अपनी प्रेफरेंस भरते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। एक बार सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होने के बाद वरीयता क्रम को आसानी से बदला नहीं जा सकेगा। इसके अलावा, यदि किसी छात्र का सर्टिफिकेट (जैसे OBC-NCL या EWS) केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार तय फॉर्मेट में नहीं पाया गया, तो उसका दाखिला तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
​एडमिशन से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए डीयू ने अपनी वेबसाइट पर हेल्पडेस्क ईमेल और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहाँ छात्र संपर्क कर सकते हैं।
​यह भी पढ़ें: कॉलेज आवंटन के बाद छात्रों को 'Freeze' या 'Upgrade' का विकल्प चुनना होगा, जिसकी विस्तृत गाइडलाइन जल्द ही पहली कट-ऑफ लिस्ट के साथ जारी की जाएगी। अपडेट्स के लिए यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।